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प्रतिरोध की गणना कैसे करें – How To Calculate Resistance Value in Hindi

कोई भी सर्किट बनाने से पहले उसका सर्किट डायग्राम बनाया जाता है और उस सर्किट डायग्राम में अलग-अलग कंपोनेंट लगाए जाते हैं और सभी कॉन्पोनेंट की कोई ना कोई निश्चित वैल्यू होती है और उसे निश्चित वैल्यू के आधार पर इस कंपोनेंट को लगाया जाता है. तो कुछ कंपोनेंट ऐसे होते हैं. जिन पर उनकी वैल्यू लिखी होती है जैसे की कैपेसिटर. लेकिन कुछ कंपोनेंट ऐसे होते हैं जिन पर उनकी वैल्यू नहीं लिखी होती उन पर कुछ कोड लिखा होता है जिनसे हमें पता लगाना पड़ता है कि इस कॉम्पोनेन्ट की  वैल्यू कितनी है. प्रतिरोध (Resistance) भी एक ऐसा ही कॉन्पोनेंट है जिस पर उसकी वैल्यू नहीं लिखी होती लेकिन रजिस्टेंस के ऊपर कुछ कलर कोड बनाए जाते हैं जिससे कि उसकी वैल्यू पता लगाई जा सकती है. इन कलर कोड को याद रखना भी बहुत ही आसान है बस आपको थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है. इन कलर कोड को आपको बार-बार लिखकर देखने की जरूरत है.  इस पोस्ट में आपको Resistance की value को जान सकते है Using Colour Code In Hindi में बताउगा . प्रतिरोध की गणना Colour Code से कैसे करें प्रतिरोध पर कलर कोड का मतलब होता है कि उस पर कु...

Current क्या है ? what is current in Hindi ?

Current क्या है ? परिभाषा - किसी अनुप्रस्थ काट से प्रति एकांक समय में प्रवाहित होने वाले आवेश के मान को विद्युत धारा(करंट) कहलाती है , माना Q आवेश(charge) अनुप्रस्थ काट t समय में गुजरता है तो परिभाषा के आधार पर  विद्युत धारा I  = Q /t >>> करंट की यूनिट एम्पेयर (Amp) होता   है , जिसको हम आई (I) से डेनोटे करते है इसे में एक Example से समजाता  हु की करंट क्या है।   Current flow by water tank example   एक पानी का टैंक और उसका पानी   Q आवेश(charge ) है। जितना पानी एक  अनुप्रस्थ काट से t समय में गुजरता है। उसे हम current कहेगे।   इस उदाहरण से हम करंट को समज सकते है की हमारा पावर स्टेशन हमारा पानी का टेंक है।  example :-Electricity flowing through a wire is like water flowing through a pipe. The amount of water that flows is the current. The pressure at which it flows is voltage परन्तु जब इलेक्ट्रिक करंट की  बात करते है हब हमे इन बातो को भी जन्ना जरूरी है। ...

Alternating Current AND Direct Current IN HINDI

AC और DC क्या है आज इलेक्ट्रिकल पावर  यानि बिजली  का इस्तेमाल हर जगह हो रहा है ,और  हमारा जीवन पूरी तरह से बिजली के ऊपर निर्भर हो गया है,  यदि घर में  बिजली एक दिन भी ना  हो तो   बहुत सारी समस्या का सामना करना  पड़ता  है। आज वर्ल्ड की सभी इंडस्ट्री इलेक्ट्रिक पावर पर डिपेंडेंट है, घर में AC और DC करंट दोनों है। हमारे घर में ज्यादातर उपकरण AC करेंट पर कार्य करते हैं.  जैसे कि पंखे, मोटर, वाशिंग मशीन, फ्रिज इत्यादि।  बिजली यह दो प्रकार कि है।  पहला AC current और दूसरा DC current तो आज के इस टॉपिक में हम AC और DC करंट को जानेगे और इसके बिच में क्या अंतर् है। इसके बारे में पड़ेगे।   AC और DC को जान्ने से पहले करंट को जानते है। जिसे मेने पहले वाले ब्लॉग में समजाया है।  AC Current क्या है ? AC का पुरा नाम प्रत्यावर्ती धारा( A lternating C urrent )  है।  प्रत्यावर्ती धारा वह धारा है जो किसी विद्युत परिपथ में अपनी दिशा बदलती रहती हैं। ...

DC MOTOR INTERVIEW QUESTIONS & ANSWERS

DC motor is one of the rotary machines which makes use of electrical current and converts it to mechanical energy which can be used in many other functions or operations. The forces are generated by magnetic fields. Do search in wisdom jobs for DC motor job listings for full time and part time positions updated today. If you are looking for job then go check out interview questions page to get more information on the kind and level of questions you will come across during the interview. Various jobs were present in all over India for this technology which is in high demand. Wisdomjobs DC motor interview questions and answers provides you with complete guide on the DC motor and prepares you for winning job interview. Question 1. What Is The Principle Of Operation Of A D.c Motor? Answer : The operation of a D.C Motor based on the principle that when a current carrying conductor is placed in a magnetic field, the conductor experiences a mechanical force. Basically, there is ...

TTP223 Capacitive Touch Switch Circuit in Hindi

जो  इलेक्ट्रॉनिक्स नए डिवाइस के शौक रखने वालों के लिए में लाया हु एक सरल कैपेसिटिव टच स्विच सर्किट, इस सर्किट smd कॉम्पोनेन्ट  का उपयोग किया  है, परन्तु यह सेंसर आपको मार्किट या ऑनलाइन  २५-३० रूपये में मिल जायेगा और यदि आपको इस सर्किट को बनाना चाहते हो इसके circuit  आसानी बना सकते हो इसके लिए जरूरी कपोनेंट smd चिप(IC) TTP223 है जो सामान्यतः BA-6 पैकेज में उपलब्ध है। TTP223 एक कपैसिटिव टच पैड डिटेक्टर आईसी है जो एक टच कुंजी(switch) प्रदान करता है, जिसे विभिन्न पैड आकार के साथ पारंपरिक प्रत्यक्ष कुंजी बटन स्विच को बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कम बिजली की खपत और व्यापक ऑपरेटिंग वोल्टेज डीसी या एसी अनुप्रयोग के लिए संपर्क प्रमुख विशेषताएं हैं।सर्किट को 3-पिन हेडर SV1  के माध्यम से किसी भी माइक्रोकंट्रोलर में और 5v रिले modul में उपयोग  किया जा सकता है। इसका मैक्सिमम  VCC को 5V होना चाहिये इसे अधिक होने पर ये खराब हो जायेगा,C2  यह bypass कपैसिटर है जो नॉइज़ को फ़िल्टर करता है.C1 यह 0-50pF के  कपैसिटर का  उपयोग कर के टच की सेंसिटिविट...

ट्रांसफॉमर को डिजिटल मल्टीमीटर के द्वारा कैसे चेक करे । How To Check Transformers By Digital Multi meter

आज में आपको इस पोस्ट में ट्रांसफार्मर को चैक करना बताउगा की ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग सही है की नहीं और ट्रांसफार्मर की प्राइमरी वाइंडिंग कौन सी है,और सेकेंडरी वाइंडिंग कौन सी है। और ट्रांफॉर्मर से जुड़े कोई भी सवाल हो तो कमेंट कर के मुझसे पूछ सकते हो में उसका जवाब देने की पूरी कोसिस करुगा।   इसमें सबसे पहले ट्रांसफार्मर की कंटीन्यूटी चैक कर के पता लगये गए की सर्किट चालू है की नहीं उसके बाद उसके प्राइमरी डाटा और सेकेंडरी साइड कोनसी है उसके बारे में भी बताने वाला हु।   सबसे पहले डिजिटल मल्टीमीटर को ओन करे।  अब डिजिटल मल्टीमीटर मीटर की काली प्रोब को कॉम प्लग में लगाये और लाल प्रोब को VΩ  वाले प्लग में लगाये।   transformer    अब डिजिटल मल्टीमीटर के रोटरी को घुमाकर ओम पर सेट कर ले और उसे सबसे लो रेंग पर सेट करे।  अब डिजिटल मल्टीमीटर के रोटरी को घुमाकर बीप या बज़र की रेंज पर सेट करे।  इस रेंज पर दोनों प्रोब को आपस में छूने से डिजिटल मल्टीमीटर से एक बीप साउंड सुनाई पड़ेगी।  यदि बीप क...

what is flip flop in hindi and type of flip flop

what is a flip flop (फ्लिप  फ्लॉप क्या है?) Flip flop यह एक प्रकार की सर्किट है, जसमे दो स्टेज (0 या 1) होता है. तथा इसका इस्तेमाल state information को स्टोर करने के लिए होता है।फिल्प-फ्लॉप एक sequential logic circuit है, जो एक Bit का data स्टोर करने के लिए सक्षम होता है। Flip flop का आउटपुट stable होता है।  और यह दो वैल्यू को ही carry करता है हाई वोल्टेज या लौ वोल्टेज जैसे की एक आउटपुट या तो 0 होगा या फिर 1 होगा। Flip flop यह बाइनरी स्टोरेज डिवाइस है जिसमे binary  bit 0 और 1 स्टोर क्र सकते है।  यह एक कंप्यूटर का सबसे छोटा स्टोरेज यूनिट होता है,यह एक  सिंगल bit का देता स्टोर करता है। एक्सटर्नल इनपुट की संख्या Flip flop के टाइप पर निर्भर  करती है। Flip flop को स्टेबल multi-vibrator  भी कहते है.इसको सबसे पहले जिसने बनया था उसका नाम william Eccels  और F.W.jordan  ने 1918 में विकसित किया था, Flip flop के दो आउटपुट होते है  Q  और  Q    जिसमे आउट एक दूसरे से विपरीत होते है जैसे की एक का ऑउटपु 0 तो दूसे का आउटपुट 1 होग...