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Showing posts from May, 2021

Normal Inverter and Solar Inverter difference in Hindi

भारत में पावर इनवर्टर या होम यूपीएस का इस्तेमाल काफी समय से होता आ रहा है। लगातार बिजली कटौती के कारण, घरेलू यूपीएस या पावर इन्वर्टर उद्योग ने भारत में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन सौर ऊर्जा और सौर पैनलों में बढ़ती रुचि के साथ, कई लोग ग्रिड से खींची गई बिजली को बचाने के लिए बैटरी चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने के बारे में सोच रहे हैं। सोलर इन्वर्टर के बारे में सुनकर, बहुत से लोग आश्चर्य करते हैं कि उनका मौजूदा इन्वर्टर सिस्टम उपयोगी है या नहीं। अतीत में, बिजली बचाओ में हमारे मन में यह सवाल कई बार आया है: सोलर इन्वर्टर और रेगुलर इन्वर्टर में क्या अंतर है? इस लेख के माध्यम से हम इस प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा आज मै आपको Solar inverter और Normal Inverter से जुड़े मुख्य 4 सवालो के जवाब दूंगा। इन्वर्टर क्या काम करता है? सोलर और नार्मल इन्वर्टर में क्या अन्तर होता है? हमे घर में कौनसा inverter लगाना चाहिए? नॉर्मल इन्वर्टर को सौलर इन्वर्टर में कैसे बदला जाता है? What Inverter works (इन्वर्टर क्या काम करता है) एक पावर इन्वर्टर या इनवर्ट एक ऐसा उपकरण है जो ट्रां

वायर जॉइंट के Different प्रकार

 Different Types of Wire Joint Requirement:- किसी भी तार में जॉइंट बनाने की जरुरत क्यों पड़ती है किसी भी वायर में जॉइंट बनाने की जरुरत इसलिए पड़ती है ताकि किसी भी चालक तार की लम्बाई बढ़ाई जा सके और किसी चालक लाइन में से किसी अन्य लाइन को जॉइंट बनाकर उसे स्थाई रूप से जोड़ा जा सके जॉइंट ऐसा होना चाहिए की वह लाइन को अच्छे कनेक्ट तथा लाइन को पर्याप्त सुद्रढ़ता भी प्रदान कर सके,,इन जोइन्टो को विभिन्न प्रकार से तैयार किया जाता है यह चालक तार की मोटाई,जोड़ की किस्म,जॉइंट किस लाइन में लगाना है इत्यादि पर निर्भर करती है  ।   Different Types of  Joints:-ओवर हेड लाइन्स तथा घरेलु वायरिंग में मुख्यतः निम्न जोड़ प्रचलित है  Twisted Joint(ऐंठा हुआ जोड़) :- इस प्रकार के जॉइंट में तारो अथवा केबल के चालक सिरों को आपस में ऐंठ कर उनके अंतिम समापन सिरों को जोड़ की और मोड़ देते है इस प्रकार का जॉइंट ओवर हेड लाइन में खम्बो के ऊपर लगे इंसुलेटर पर लगाया जाता है इसे किसी लाइन के मध्य में नहीं लगाया जाता है इसे Pig Tail अथवा Rat-Tail Joint जॉइंट भी कहते है।    Married Joint(मैरीड जॉइंट) :- इस प्रकार के जॉइंट में तारो अथ

Making of TTP223 RF Controller Switch Board - रिमोट कंट्रोल टच सेंसर बोर्ड

 Video  of Making  Schematic diagram:- Relay module Ckt Touch RF remote Touch RF Receiver Eagle File:- Board File:-

ट्रांसमिशन लाइन में कोरोना किसे कहते है और इसका कारण है।

इलेक्ट्रिकल कोरोना(Corona) क्या होता है ? ऐसी वैद्युत-रासायनिक अभिक्रिया जिसमें उच्च वोल्टता के कारण चालक(तार जिसमे धारा प्रवाहित होती है) के चारों ओर की वायु भंजित (Break down) होकर विद्युत की सुचालक बन जाती है और चालक का ही अंग बनकर वैद्युत धारा प्रवाह में सहायक होती है। इस घटना को कोरोना कहते हैं। यह घटना उस समय (स्थिति) में होती है जब दो चालक समान्तर स्थिति में जिनके बीच की दूरी उनके व्यासा की तुलना में अत्याधिक हो। उस समय वोल्टता का मान बढ़ाने पर एक निश्चित वोल्टता के बाद मन्द-मन्द शी-शी-शी ... की ध्वनि के साथ जामुनी रंग का हल्का प्रकाश उत्पन्न होता है। कोरोना की अभिव्यक्ति (Conception of Corona) हिसिंग्स ध्वनि का सुनाई देना, जामुनी रंग के प्रकाश का दिखाई देना, ऊष्मा उत्पन्न होना, सतह सम्पकिंत वायु का भंजन होना, रासायनिक प्रक्रिया से ओजोन गैस का बनना आदि। यदि चालकों के बीच की दूरी इनके व्यासों की तुलना में अत्यधिक न हो, तो कोरोना बनने से पहले ही वोल्टता उत्सफुलिंगन विसर्जन (Voltage spark over discharge) हो जायेगा।  प्रत्यावर्ती प्रणाली(ac system) में दोनों तारों पर कोरोना की उत्पत

विद्युतरोधी (Insulator) क्या होता है ? इंसुलेटर के प्रकार

 विद्युतरोधी (Insulator) विद्युतरोधी (Insulator) वे पदार्थ होते हैं जो तुलनात्मक रूप से विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करते हैं या जिनमें से होकर समान स्थितियों में बहुत कम धारा प्रवाहित होती है। लकड़ी (सूखी हुई), बैकेलाइट, एस्बेस्टस, चीनी मिट्टी, कागज, पीवीसी आदि कुचालकों के कुछ उदाहरण हैं। वैद्युत प्रौद्योगिकी में जिस तरह सुचालकों, अर्धचालकों एवं अतिचालकों के विविध उपयोग हैं, उसी प्रकार कुचालकों के भी विविध प्रकार से उपयोग किये जाते हैं। ये सुचालक तारों के ऊपर चढ़ाये जाते हैं; विद्युत मशीनों के वाइंडिंग में तारों की परतों के बीच उपयोग किये जाते हैं; उच्च वोल्टता की लाइनों को खम्भों या तावरों से आश्रय देने (लटकाने/झुलाने) आदि विविध कामों में प्रयुक्त होते हैं। Insulator  इंसुलेटर के प्रकार  निगड़ या पाश विद्युतरोधक (Shakle Insulator) किली या धुरा विद्युतरोधक (Pin or Spindle Insulator) निलम्बन विद्युतरोधक (Suspension Insulator) विकृति विद्युतरोधक (Strain Insulator)