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Alternating Current AND Direct Current IN HINDI

AC और DC क्या है

आज इलेक्ट्रिकल पावर यानि बिजली का इस्तेमाल हर जगह हो रहा है,और हमारा जीवन पूरी तरह से बिजली के ऊपर निर्भर हो गया है, यदि घर में बिजली एक दिन भी ना हो तो  बहुत सारी समस्या का सामना करना पड़ता है।आज वर्ल्ड की सभी इंडस्ट्री इलेक्ट्रिक पावर पर डिपेंडेंट है,घर में AC और DC करंट दोनों है। हमारे घर में ज्यादातर उपकरण AC करेंट पर कार्य करते हैं. 
जैसे कि पंखे, मोटर, वाशिंग मशीन, फ्रिज इत्यादि। बिजली यह दो प्रकार कि है। पहला AC current और दूसरा DC current तो आज के इस टॉपिक में हम AC और DC करंट को जानेगे और इसके बिच में क्या अंतर् है। इसके बारे में पड़ेगे। 

AC और DC को जान्ने से पहले करंट को जानते है। जिसे मेने पहले वाले ब्लॉग में समजाया है। 

AC Current क्या है ?

AC का पुरा नाम प्रत्यावर्ती धारा(Alternating Current)  है। प्रत्यावर्ती धारा वह धारा है जो किसी विद्युत परिपथ में अपनी दिशा बदलती रहती हैं।
भारत में घरों में प्रयुक्त प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति (Frequency) ५० हर्ट्ज़ होती है अर्थात यह एक सेकेण्ड में पचास बार अपनी दिशा बदलती है।अल्टरनेटिंग करंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे ट्रांसफार्मर की मदद से कम या ज्यादा किया जा सकता है.

AC करंट Transmission कैसे होता है


अल्टरनेटिंग करंट को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए थोड़ा सी लंबी प्रक्रिया होती है. लेकिन इसे बहुत ही आसानी से और बिना किसी हानि के एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है. जैसा कि ऊपर चित्र में दिखाया गया है सबसे पहले 12kV के अल्टरनेटिंग करंट को पावर प्लांट से भेजा जाता है और फिर इसे स्टेप अप ट्रांसफार्मर की मदद से इसकी वोल्टेज 400kV तक बढ़ाई जाती है. और फिर इसे हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के द्वारा अलग-अलग शहरों में भेजा जाता है. वहां पर इनका एक सब स्टेशन होता है जहां पर स्टेप डाउन ट्रांसफार्मर की मदद से इसकी वोल्टेज को फिर से 13kV तक कम किया जाता है और इसे फिर शहरों के अलग-अलग इलाकों और गांव में भेजा जाता है वहां पर फिर से स्टेप डाउन ट्रांसफार्मर की मदद से इसे 230V,50  Hz तक कम किया जाता है जिससे हमारे घर के सभी अल्टरनेटिंग करंट से चलने वाले उपकरण चलाए जाते हैं.

DC करंट क्या होता है ?


DC का पूरा नाम डायरेक्ट करंट होता है जो करंट दिशा और मान नहीं बदलता उसे डायरेक्ट करंट कहते हैं. अल्टरनेटिंग करंट का इस्तेमाल आज हर जगह किया जा रहा है लेकिन कुछ ऐसे कार्य है जहां पर डीसी करंट की आवश्यकता होती है


  1. किसी भी प्रकार की कोई बैटरी चार्ज करने के लिए सिर्फ डीसी सप्लाई का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसीलिए डीसी करंट को बैटरियों में स्टोर किया जा सकता है लेकिन एसी करंट को स्टोर नहीं कर सकते.
  2. इलेक्ट्रोप्लेटिंग के काम में भी डीसी सप्लाई का इस्तेमाल किया जाता है.
  3. टेलीविजन , रेडियो, कंप्यूटर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के सभी काम डीसी सप्लाई पर निर्भर करते हैं.
  4. करंट को मापने के यंत्र जैसे कि मल्टीमीटर टेस्टर इत्यादि में DC सप्लाई का इस्तेमाल किया जाता है.



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