Skip to main content

How To Use Hot Air Rework Station For SMD Soldering & Desoldering in Hindi


Hot Air gun soldering रिपेयरिंग और (smd) सलॉड्रिंग  के क्षेत्र मे बहुत ही useful tool माना जाता है। SMD Machine की मदद से mobile के विभिन्न part को निकाला व लगाया जा सकता है। जैसे की (IC,Resistor,Capacitor,Mosfet,many मोरे SMD components )
SMD Rework Station और Hot Air ब्लॉवर से मोबाइल PCB के Card leve part जैसे- Sim तथा memory card connector व Chip leve Part जैसे- सभी प्रकार की IC को निकाला व लगाया जा सकता है ।

Hot Air Blower या SMD Machine या SMD Rework Station से सब इसके नाम है।

SMD Rework Station का उपयोग की तरह करना है। 

 पहले SMD Rework Station का Power on करें।

इसके बाद SMD Rework Station के Air Pressure तथा Temperature  को Set करें ।
अधिकांश सोल्डरिंग और डिसोल्ड्रींग के लिए 300-400 डिग्री सेल्सियस बेस्ट माना जनता है 
जिस Component को निकालना है तो उसके ऊपर Soldering Paste लगायें।
Tweezer की help से कॉम्पोनेन्ट को Hold करें।

इसके बाद SMD Machine की Help से Heat दे।

कॉम्पोनेन्ट को Tweezer की help से हल्के से उठायें।

कॉम्पोनेन्ट की जगह को अछि तरह से साफ करलो ।


SMD कॉम्पोनेन्ट को लगाने के लिए नीचे दिये Step Follow करें

 जिस जगह पर नई IC और दूसरे कॉम्पोनेन्ट लगाना हो तो उस जगह  Soldering Paste लगायें 

उस्से पहले अछि क्वालिटी का Flux लगाए जिससे अछि तरह सोल्डरिंग और डिसोल्ड्रिंग  हो सके। 
अब Component को ट्रैक पर हल्के से रखें।

इसके बाद SMD Machine की help से Heat दे,तथा साथ ही Tweezer से Component को पकड कर रखें ताकि वह ठीक से लग सके।

सावधानियाँ

SMD Machine का उपयोग करते समय निम्न बातो का ध्यान रखना अवश्यक है:
SMD Machine का काम खत्म होने के पश्चात उसके Power Button को बन्द कर देना चाहिए ।
SMD Machine के  Air तथा Temperature को Set करते समय बहुत ध्यान रखने की अवश्यकता होती है,यदि इनको सही level पर नही Set किया जाये तो machine को नुकसान हो सकता है।
Component को निकलते समय उस पर ज्यादा जोर नही लगाना चाहिए क्योकि इससे उसके ट्रैक  उखड सकते है,जिन्हे Repair करना मुश्किल होगा ।
Hot Air Blower Repairing के लिए एक महत्वपूर्ण Tool है ,वैसे तो Hot Air Blower का use करना बहुत ही आसान होता है,और इसे कोई भी आसानी से उपयोग कर सकता है। परन्तु SMD का उपोग करने के लिए सावधानि रखना भी बहुत जरूरी है,यदि आप ऊपर दि गई बातो को ध्यान मे रख कर इसका उपयोग करते है तो आप को इसे Use करने मे कोई दिक्कत नही होगी।




Comments

  1. Is it good smd machine https://www.trybhi.com/baba-850-ad-smd-rework-station-digital-display-best-smd-station-plastic-burn-free/pid-142036529

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

वायर जॉइंट के Different प्रकार

 Different Types of Wire Joint Requirement:- किसी भी तार में जॉइंट बनाने की जरुरत क्यों पड़ती है किसी भी वायर में जॉइंट बनाने की जरुरत इसलिए पड़ती है ताकि किसी भी चालक तार की लम्बाई बढ़ाई जा सके और किसी चालक लाइन में से किसी अन्य लाइन को जॉइंट बनाकर उसे स्थाई रूप से जोड़ा जा सके जॉइंट ऐसा होना चाहिए की वह लाइन को अच्छे कनेक्ट तथा लाइन को पर्याप्त सुद्रढ़ता भी प्रदान कर सके,,इन जोइन्टो को विभिन्न प्रकार से तैयार किया जाता है यह चालक तार की मोटाई,जोड़ की किस्म,जॉइंट किस लाइन में लगाना है इत्यादि पर निर्भर करती है  ।   Different Types of  Joints:-ओवर हेड लाइन्स तथा घरेलु वायरिंग में मुख्यतः निम्न जोड़ प्रचलित है  Twisted Joint(ऐंठा हुआ जोड़) :- इस प्रकार के जॉइंट में तारो अथवा केबल के चालक सिरों को आपस में ऐंठ कर उनके अंतिम समापन सिरों को जोड़ की और मोड़ देते है इस प्रकार का जॉइंट ओवर हेड लाइन में खम्बो के ऊपर लगे इंसुलेटर पर लगाया जाता है इसे किसी लाइन के मध्य में नहीं लगाया जाता है इसे Pig Tail अथवा Rat-Tail Joint जॉइंट भी कहते है।    Married Joint(मै...

Stabilizer in Hindi स्टेबलाइजर की पूरी जानकारी हिंदी में

स्टेबलाइजर क्या होता है घर के लिए सही वोल्टेज स्टेबलाइजर आपने वोल्टेज स्टेबलाइजर के बारे में जरूर सुना होगा और आपके घर में stabilizer जरूर होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर क्या होता है?(what is stabilizer ?) क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर का काम क्या है और स्टेबलाइजर कितने प्रकार के होता है? क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर कैसे काम करता है? यदि नहीं जानते हैं तो हमारा ये पोस्ट जरूर पढ़ें। इस पोस्ट में आज हम स्टेबलाइजर की पूरी जानकारी हिंदी(stabilizer in Hindi) में देने जा रहे हैं। स्टेबलाइजर एक ऐसी डिवाइस होती है जो कि Fix Value की वोल्टेज प्रदान करता है.हमारे घर में कुछ ऐसे उपकरण होते हैं जिन्हें कम से कम 240 V की सप्लाई की जरूरत होती है और कुछ कारणवश हमारे घर में अगर सप्लाई 240V से कम आती है तो वह उपकरण ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पाता इसीलिए उसके लिए स्टेबलाइजर की जरूरत पड़ती है. जो कि हमारे घर में आने वाली सप्लाई को 240V पर Fix कर के उपकरण को 240V की सप्लाई प्रदान करता है. स्टेबलाइजर का इस्तेमाल ज्यादातर रेफ्रिजरेटर  (फ्रिज) एयर कंडीशनर इत्यादि पर किया जाता ...

what is flip flop in hindi and type of flip flop

what is a flip flop (फ्लिप  फ्लॉप क्या है?) Flip flop यह एक प्रकार की सर्किट है, जसमे दो स्टेज (0 या 1) होता है. तथा इसका इस्तेमाल state information को स्टोर करने के लिए होता है।फिल्प-फ्लॉप एक sequential logic circuit है, जो एक Bit का data स्टोर करने के लिए सक्षम होता है। Flip flop का आउटपुट stable होता है।  और यह दो वैल्यू को ही carry करता है हाई वोल्टेज या लौ वोल्टेज जैसे की एक आउटपुट या तो 0 होगा या फिर 1 होगा। Flip flop यह बाइनरी स्टोरेज डिवाइस है जिसमे binary  bit 0 और 1 स्टोर क्र सकते है।  यह एक कंप्यूटर का सबसे छोटा स्टोरेज यूनिट होता है,यह एक  सिंगल bit का देता स्टोर करता है। एक्सटर्नल इनपुट की संख्या Flip flop के टाइप पर निर्भर  करती है। Flip flop को स्टेबल multi-vibrator  भी कहते है.इसको सबसे पहले जिसने बनया था उसका नाम william Eccels  और F.W.jordan  ने 1918 में विकसित किया था, Flip flop के दो आउटपुट होते है  Q  और  Q    जिसमे आउट एक दूसरे से विपरीत होते है जैसे की एक का ऑउटपु 0 तो दूसे का आउटपुट 1 होग...