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How To Use Hot Air Rework Station For SMD Soldering & Desoldering in Hindi

Hot Air gun soldering रिपेयरिंग और (smd) सलॉड्रिंग  के क्षेत्र मे बहुत ही useful tool माना जाता है। SMD Machine की मदद से mobile के विभिन्न part को निकाला व लगाया जा सकता है। जैसे की (IC,Resistor,Capacitor,Mosfet,many मोरे SMD components ) SMD Rework Station और Hot Air ब्लॉवर से मोबाइल PCB के Card leve part जैसे- Sim तथा memory card connector व Chip leve Part जैसे- सभी प्रकार की IC को निकाला व लगाया जा सकता है । Hot Air Blower या SMD Machine या SMD Rework Station से सब इसके नाम है। SMD Rework Station का उपयोग की तरह करना है।   पहले SMD Rework Station का Power on करें। इसके बाद SMD Rework Station के Air Pressure तथा Temperature  को Set करें । अधिकांश सोल्डरिंग और डिसोल्ड्रींग के लिए 300-400 डिग्री सेल्सियस बेस्ट माना जनता है  जिस Component को निकालना है तो उसके ऊपर Soldering Paste लगायें। Tweezer की help से कॉम्पोनेन्ट को Hold करें। इसके बाद SMD Machine की Help से Heat दे। कॉम्पोनेन्ट को Tweezer की help से हल्के से उठायें। ...

Diode Operation and condition Forward Bias or Reverse Bias /डायोड के संचालन अवस्था

Diode Operating Condition मानक(standard) P-N जंक्शन डायोड के लिए दो ऑपरेटिंग क्षेत्र(area) और तीन संभावित "पूर्वाग्रह(bias)" स्थितियां हैं 1 शून्य बाईस (Zero Bias)   इस स्थिति में कोई भी सप्लाई वोल्टेज पीएन जंक्शन डायोड नहीं देते 2  फॉरवर्ड पूर्वाग्रह (Forward Bias) इस स्थति में सप्लाई वोल्टेज के  P-साइड को नकारात्मक, (-ve) और  डायोड में N-साइड को सकारात्मक, (+ ve) से जोड़ा जाता है, जिससे पीएन जंक्शन डायोड के जंक्शन की चौड़ाई घटने का  प्रभाव पड़ता है। 3  विपरीत पूर्वाग्रह (Reverse Bias) इस स्थति में सप्लाई वोल्टेज के  N-साइड को नकारात्मक, (-ve) और  डायोड में P-साइड को सकारात्मक, (+ ve) से जोड़ा जाता है, जिससे पीएन जंक्शन डायोड के जंक्शन की चौड़ाई बढ़ने  का  प्रभाव पड़ता है। शून्य(zero) बाईस की दो अवस्था है ओपन सर्किट शार्ट सर्किट ओपन सर्किट स्थिति में, डायोड के माध्यम से बहने वाला प्रवाह(करंट) शून्य (I = 0) है। PN  जंक्शन पर संभावित बाधा(potential barrier) डायोड फैब्रिकेशन के समय जितना होता है उतना ही होता है शा...

Basic Diode in Hindi / डायोड

  Diode डायोड(Diode) का उपयोग आज की सभी प्रकार सर्किट में अलग-अलग प्रकार से होता है जैसे की AC/DC ,सर्किट सुरक्षा ,पॉजिटिव सीरीज क्लिपर ,पॉजिटिव शंट क्लिपर, वोल्टेज मल्टीप्लायर सर्किट्स, रिवर्स  करंट  प्रोटेक्शन, वोल्टेज स्पाइक सप्रेशन,सोलर  पेनल्स इस तरह डायोड का उपयोग अलग-अलग  स्थानों  पर होता है। इस पोस्ट में हम आपको डायोड के कार्य तथा पहचान के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास करेंगे और मार्किट में उपस्तित डायोड के प्रकार बताने वाला हु. परिभासा :- डायोड एक सेमीकंडक्टर आधारित कॉम्पोनेन्ट है आमतौर पर केवल एक दिशा में प्रवाह के प्रवाह की अनुमति देता है । यह   P प्रकार और N प्रकार के सेमीकंडक्टर पदार्थ को मिलाकर बनाया जाता है P टाइप भाग में होल्स और N टाइप भाग में अतिरिक्त मुक्त  इलेक्ट्रॉन्स होते है। P टाइप और N टाइप जहा मिलते है उसे संधि बाधा (depletion region) कहते है। डायोड में P टाइप सिरा एनोड तथा N टाइप सिरा कैथोड कहलाता है,आकृति में दिए अनुसार । fig.1...

ohm's law/ओह्म का नियम

ओह्म   का नियम ओह्म का नियम यह इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल में बहुत महत्व रखता है। यह नियम नेटवर्क के करंट   प्रतिरोद और वोल्टेज पर आधार रखता है सभी प्रकार के सर्किट और नेटवर्क में ओह्म के नियम का इस्तेमाल होता है   इस का इस्तेमाल कर के रेसिस्टिव सर्किट का करंट और वोल्टेज प्राप्त किया जा सकता है आज मैं आपको  ओह्म  के नियम (Ohm's Law) के बारे में पूरी जानकारी दूंगा इस पोस्ट को पढ़कर आप ओह्म के नियम को आसानी समझ लेगे और इसका उपयोग जान पाएंगे । सन् 1825 - 26   में जर्मन भौतिकविद् एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉर्ज साइमन   ओह्म   ने यह नियम प्रतिपादित किया था। परिभाषा :- ओह्म   के नियम (Ohm's Law) के अनुसार यदि ताप आदि भौतिक अवस्थायें निश्चित रखीं जाए तो किसी प्रतिरोधक ( या , अन्य ओह्मीय डिवाइस ) के सिरों के बीच उत्पन्न   विभवान्तर (Potential) उससे प्रवाहित धारा (current) के समानुपाती होता है। Resistance   का म...